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लौंग से वशीकरण :लड़की हो या स्त्री दौड़ी दौड़ी चली आएगी

वज्र पानी पिबेच्चांगे डाकिनी डापिनी रक्षोव सर्वांगे।

साधक, अनुष्ठान, जप के बाद भी नियमित मंत्र जप करते रहें। 

सिद्ध हो जाता है तब क्या होता है? यह तो सवाल आपके मन में जरूर होंगे तो चलो इस बारे में बताते हैं।

जब ऐसा हो जाता है तो कहते हैं कि मंत्र सिद्ध हो गया। ऐसा मंत्र को लगातार जपते रहने से होता है। यदि आपका ध्यान इधर, उधर भटक रहा है तो फिर मंत्र को सिद्ध होने में भी विलंब होगा। कहते हैं कि 'करत-करत अभ्यास से जडमति होत सुजान। रसरी आवत-जात से सिल पर पड़त निसान॥'

साधना के अंतर्गत नियमों का उल्लंघन मंत्र की सिद्धि में बाधा डाल सकता है।

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गुरु मंत्र की दीक्षा लेना अनिवार्य है।

साधना आरम्भ से पूर्व मंत्र को कण्ठस्थ करके'जप करें। 

हिंदू धर्म के पहले दुनिया में ना तो कोई धर्म था ना ही कोई मजहब था

कोई भी साधक अगर सिद्धि प्रदान करना चाहता हे तो उसको सिद्ध माला की आवश्यकता रहती हे बिना सिद्ध की हुई माला से जितना भी मंत्र जाप कर लो सिद्धि प्राप्त नहीं होती हमारे पास सभी प्रकार की सिद्ध की हुई माला उपलब्ध हे read more जिसको चाहिए वो हमारा कॉन्टैक्ट कर सकता हे

सामग्री का चयन और उपयोग:- मंत्र जाप में उपयोग होने वाली सामग्री जैसे दीपक, धूप और नैवेद्य ताजा और शुद्ध होना चाहिए। दीपक में देशी घी का उपयोग करें। 

साधना काल में शुद्ध देशी घी का अखण्ड दीपक जलायें।

भोजन और आहार में संयम:- साधना के दौरान मांस, मदिरा और अन्य तामसिक पदार्थों का त्याग करें। सात्विक आहार ग्रहण करें।

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